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तो मां पहला दूध बच्चे के लिए होता है अमृत जैसा(Mothers first breast feed )

तो मां पहला दूध  बच्चे के लिए होता है अमृत जैसा


जब कोई बच्चा जन्म लेता है तो घर में खुशियों  की लहर दौड़ जाती है। इसी खुशी  को और मजबूत बनाने के लिए बच्चे को मां का पहला दूध (First Breast Feed ) 


पिलाये और बच्चे को  दुनिया के कई संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करवायें । आपको बता दें  कि मां के पहले दूध  को कोलोस्ट्रम कहते हैं। यह बच्चे के लिए जीवन भर का एक अमृत (ambrosia )होता है। जिससे वो कई तरह की बिमारियों  से लड़ने में सक्षम होता है। यह बच्चे के शरीर तंत्र में एंटिबॉडि बनाने की प्रक्रिया को मजबूत करता है।

फलत: कई तरह के वायरस और बैक्टीरीया से  लड़ने में बच्चा सक्षम होता है और उनको मात भी देता है। इससे बच्चा जल्दी - जल्दी बीमार भी नहीं होता है। कई बार ऐसा होता है कि कुछ बच्चे बार बार बीमार होते रहते है इसका कारण है उन बच्चों को मां का वो पहला दूध  नहीं मिला जो की उनकी पहली जरूत होती है उनके लिए रामबाण होता है यानी हर बीमारी में बचावी उपाय बन खड़ा होता है।  इससे बच्चे में यदि  कुछ जेनेटिक बीमारियाँ भी चली आईं हैं ,उन बीमारीयों से लड़ने में भी मजबूती प्रदान करता है।

आपको इस बात की जानकारी दे दें  कि मां बनने के बाद कुछ दिनों तक कोलोस्ट्रम ही प्रोड्यूस होता रहता है। इसकी पहचान होती है कि यह कोलोस्ट्रम गाढ़ा, चिपचिपा और पीलापन लिए हुए होता है। कोलोस्ट्रम कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, एंटी-बॉडीज़ का ख़जाना होता है। इसमें फ़ैट बहुत कम होता है, इसलिए  बच्चा इसे आसानी से पचा भी लेता है और यह बच्चे के पहले स्टूल (मेकोनियम) के लिए भी  ज़रूरी है। डॉक्टर मां के पहले दूध को बच्चे के पहले वैक्सीन के तौर पर भी मानते हैं । हुई  न वही 'बात हींग लगे न फिटकरी रंग चोखा ही चोखा।'   

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